शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2019
सोमवार, 21 अक्टूबर 2019
शांति फैलाइए और स्वयं शांति पाइये
शांति फैलाइए और स्वयं शांति पाइये :- आप सभी समझ गए होंगे कि आज हम किस बारे में बाते करने जा रहे है! एक नियम है ,कि जो भी आप पाना चाहते है वही सब को दे और इस बात को आप हम सभी हमेशा अनुभव भी करते रहते है , जैसे - कभी हमने किसी को गाली दी तो बदले में हमें भी वही मिलती है ,अब ऐसा तो नहीं होता है कि आपकी गाली का जवाब आपको प्रेम भरे शब्दो में मिलता हो! और अगर ऐसा होता भी है तो फिर वो व्यक्ति तो कोई महापुरुष ही होंगे ! खैर ये तो एक साधारण सा उदाहरण था आप सभी को समझाने का लेकिन अब हम सीधे चलते है अपने विषय कि ओर जैसा कि आज कहा गया कि शांति फैलाइए और शांति पाइये शांति फैलाने का मतलब है कि चलिए पहले हम छोटी -छोटी बातो से शुरुआत करते है माना आपके घर में आपकी पति पत्नी में लड़ाई हो गयी तो पहले उसे शांत करे कहने का मतलब है कि छोटी मोटी नोक झोक तो चलती रहती है लेकिन यहां बड़ी- बड़ी लड़ाइओ की बात कही जा रही है ऐसी लड़ाईया जो कोर्ट तक पहुंच जाती है ,तो कृपया ध्यान दे कि ऐसी लड़ाई ना हो क्यों कि ताली दो हाथ से ही बजती है ,एक से नहीं तो इसलिए अपनी गलतियों को समझे और उन्हें सुधारे और शांति बनाये अब ऐसे ही तो शांति फैलती है ! अब देखिये हम बॉर्डर कि लड़ाइयों को तो नहीं शांत कर सकते लेकिन जब हर घर में शांति होगी तभी पूरे देश में शांति होगी और क्यों कि कई घर से मिलकर ही तो एक देश बनता है जैसे एक -एक बूद से मिलकर एक घड़ा भरता है वैसे ही अगर हम अपने घर में अपने पड़ोस में शांति बनाये तो ये भी बहुत बड़ा योगदान होगा हमारा शांति फैलाने में तो कम से कम घर में ही हमारी वजह से शांति फैले अशांति न फैले ये हम ध्यान दे और हमें हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि हम लोगो को खुश रखे क्यों कि अगर आप शांति लोगो को देंगे तो आपको भी वही मिलेगी और ये बहुत कीमती और बहुत प्यारा शब्द है ,जिसको कहने से ही बड़ी शांति मिलती और अगर इसे अपने जीवन में ले आये तो कहना क्या और ये सबके लिए जरुरी भी है, और कई बार तो हम कहते भी है कि भले ही सूखी रोटी मिले लेकिन शांति से मिले तो इसलिए शांति फैलाइये और शांति पाइये !
राधे राधे
सोमवार, 14 अक्टूबर 2019
खेल भी बहुत जरूरी है!
खेल भी बहुत जरूरी है:- जैसा कि आप सभी जानते है ,कि खेल बहुत जरूरी है ,हमारे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बस थोड़ी सावधानी से खेला जाये तब वरना वो विकास की जगह कुछ और ही बन जाता है , तो खेल जरूर खेले क्यों कि ये भी एक व्यायाम है , तो बच्चो को खेलने दे और समय हो तो आप भी उनके साथ खेले क्यों कि कई बार क्या होता है ,कि बच्चो को हम खेलने के लिए भेज देते है लेकिन ये ध्यान नहीं देते कि उन बच्चो का स्वभाव कैसा है !
और बाद में कहते है , कि क्या बच्चो को खेलने भेजे बच्चे बिगड़ जाते है , अरे आपको किसने कहा कि आप बच्चो को बाहर ही खेलने के लिए भेजे अरे आप खेलिए न उनके साथ इससे आप बच्चो के साथ कुछ समय भी बिता पाएंगे और उनसे कुछ बाते भी कर पाएंगे और इससे आपकी भी थोड़ी कसरत हो जाएगी तो बच्चो को खेलने दे और एक बात मै साफ -साफ कहना चाहूगी की यहां मोबाइल ,कम्प्यूटर में खेलने कि बात नहीं की जा रही है , इनसे तो जितना हो सके उतना दूर रखे ! यहां दौड़ भाग ,उछल कूद वाले खेलो की बात कही जा रही है , तो बच्चो को खेलने दे क्यों कि खेल भी जरुरी है ! राधे राधे
बुधवार, 9 अक्टूबर 2019
एक अच्छी बात हमारा पूरा दिन अच्छा बना देती है ։- जैसा की ऊपर कहा गया है कि एक अच्छी बात हमारा पूरा दिन अच्छा बना देती है , लेकिन अगर एक अच्छी बात पूरा दिन अच्छा बना सकती है तो एक बुरी बात पूरा दिन बिगाड़ भी सकती है ,क्या मै सही हु ऐसा ही होता है न सबके साथ और अच्छी बात हमारा दिन अच्छा बनाये न बनाये उसका तो पता नहीं लेकिन हा एक बुरी बात या एक बुरा शब्द हमारा दिन बिगाड़ देती है ! लेकिन कभी सोचा आपने ऐसा क्यों होता है , तो अब आप कह रहे होंगे की कैसी बाते आप कहे जा रहे है ,बुरी बाते किसी को आसानी से भूलती है क्या ? जी बिल्कुल नहीं भूलती लेकिन बुरी बातो को बुरे विचारो की अगर हम इतनी कद्र करेंगे उनका सम्मान (respect ) करेंगे तो एक दिन आप ऐसा पाएंगे अपने जीवन में की सारी बुरी बाते मेरे ही पास है , इसलिए बुरी बातो को इतनी इज्जत से अपने पास मत रखिये उनको अपने मन से निकाल फेकिये की ये दोबारा आपके पास आने की हिम्मत न करे और आपको परेशान न करे ! अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे हो सकता है , तो क्यों नहीं हो सकता अरे भाई मन आपका है आप जैसा चाहेंगे वैसा होगा तो अच्छी सोच को सम्मान दे कहने का मतलब एक अच्छी बात को जब आप बार -बार सोचेंगे तो आपका मन अच्छा होगा और आप आगे जीवन में सफल हो पाएंगे ! क्यों की बुरी बातो को हम जब बार -बार सोचते है तो हमारा मन कमजोर होता है जैसे - अब आपको किसी ने कह दिया कि तुम कुछ नहीं कर सकते हो तुम कभी जीवन में आगे नहीं बढ़ सकते तो अब आपसे अगर कोई छोटा सा काम नहीं हुआ तो अब आपको लगेगा कि हा वो एकदम सही कह रहा था मै कुछ नहीं कर सकता मै कुछ नहीं बन सकता मुझमे तो वो बात ही नहीं है ! जब कि भगवान ने सबको योग्यता बराबर दी है ,बस समझने की और मानने की देरी है ,इसलिए अपने आप को कम मत समझिये और आगे बढिये भगवान पर अपने आप पर भरोसा रखिये फिर आपको भी सफल होने से कोई नही रोक सकता और ऐसे ही अच्छी बातो को मन में रखिये और इन अच्छी बातो को बार -बार सोचने से आपका मनोबल बढ़ता है और आपका पूरा दिन अच्छा बनता है , तो इसलिए कहा गया कि एक अच्छी बात हमारा पूरा दिन अच्छा बना देती है !
राधे राधे
राधे राधे
सोमवार, 7 अक्टूबर 2019
बुराई पर अच्छाई की जीत
बुराई पर अच्छाई की जीत ⇾ सबसे पहले आप सभी को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाये जैसा कि आज का टाइटल रखा गया है ,बुराई पर अच्छाई की जीत ये कोई नया टाइटल नही है ,क्यों की इस त्योहार का मतलब ही यही है ! बुराई पर अच्छाई की जीत का मतलब ये नहीं की आप रावण जला दे और हो गयी बुराई पर अच्छाई की जीत नही इस का मतलब ये नहीं है ,वो अलग बात है की हम अपनी परम्पराओ को संस्कृति को हर वर्ष मनाते है ,और मनाना भी चाहिए और उस समय की जो बुराई थी उसे हमारे प्रभु श्री राम जी ने उसे समाप्त किया और हम सब को शिक्षा दी की हमें कभी भी बुराई का साथ नहीं देना चाहिए और न कभी करना चाहिए ,और बुराई का मतलब तो आप सभी समझते ही है ,फिर भी कुछ बातो को याद दिलाना चाहेंगे जैसे - अंहकार य घमंड कभी किसी बात पर नहीं करना चाहिए चाहे वो सुंदरता का हो पैसे का हो य अपने बल का हो क्यों कि आप सभी इस बात को अच्छी तरह से जानते है ,इस दुनिया में कितने बड़े बड़े बुद्धिमान, धनी लोग हुए सब खाली हाथ ही गए ,इसलिए सभी से प्रेम से विनम्रता से बाते करे व्यवहार करे और अपने से बड़ो का सम्मान और छोटो से प्रेम करे और एक दूसरो की गलती को माफ करे और साथ मिलकर मतलब आप समझ गए होंगे लगता है नहीं समझे तो चलिए समझा देते है देखिये परिवार और रिश्तेदार के साथ मिलकर तो हम मनायेगे ही साथ ही उन गरीबो के मुँह में भी इस दशहरे के पान की लालिमा होनी चाहिए तो अब आप समझ ही गए होगे । और एक बात सबसे पहलेआज भगवान् को पान खिलाये फिर प्रसाद सब मिलकर पाए और त्यौहार का आंनद ले ! जय श्री राधे जय सिया राम
मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019
स्वच्छता जरूरी है ।
स्वच्छता जरूरी है :-
सबसे पहले आप सभी को नवरात्रि और गाँधी जयंती कि शुभकामनाए
आप हम सभी बडे़ उत्साह के साथ इन त्योहारों का आनंद ले रहे है , और आज गाँधी जयंती जो किसी त्योंहार से कम नही है , क्यो कि आज उन बापू का जन्मदिन हम मना रहे है , जिनकी वजह से न केवल हमारे देश को आजादी मिली बल्कि हम सभी को जीवन के कई पहलू मे बहुत कुछ सीखने को मिलता है ।
और इस बार हमारे प्रधानमंत्री जी ने केवल बापू कि जयंती पर न केवल उनके स्वच्छता अभियान को आगे रखा बल्कि उसको एक रूचिकर रूप दिया ।
जो है , plogging run merathon जिसका मतलब है , सुबह घूमते या दौड़ते हुए प्लास्टिक के कचड़े को इकट्ठा करना और इस बार इस दौड़ मे कई लोग हिस्सा ले रहे है , इसी के साथ बापू के जन्मदिन को एक नया रूप दे रहे है और ये नया विचार ये नयी सोच भी आप युवाओ कि तरफ से प्रधानमंत्री जी को मिली , और वो है हमारे रिपुदमन वेली जी और उनका बहुत आभार इस विचार के लिये ।
ये भी एक स्वच्छता का हिस्सा है , साथ ही प्लास्टिक जो आज के समय बहुत बडी समस्या बन चुकी है , फिर किसी दिन प्लास्टिक के विषय पर विस्तार से चर्चा होगी , लेकिन आज इस विषय को लेना जरूरी क्यो कि बापू का स्वच्छता अभियान का सपना इससे जुड़ा हुअा है , और बापू के विषय मे ज्यादा हम क्या कहे आप हम सभी जानते है उनके बारे मे कि वो इस देश से और अपने देशवासियो से कितना प्रेम करते थे अब देखिए आप हम सभी ने बापू को तो नही देखा लेकिन उनके कार्य को देखा और सुना है , और अगर आप उनके उस देश प्रेम को थोडा़ जानना चाहते है , तो हमे लगता है शायद उन्ही कि एक छोटी सी हल्की सी झलक हम अपने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी मे देखने को मिलती है , और मुझे तो लगता है शायद ये उस गुजरात कि धरती का गुण है खैर जो भी हो तो आप सभी को इस ब्लॉग के माध्यम से बस इतना ही कहना चाहेगे कि स्वच्छता न केवल जिम्मेदारी बल्कि बहुत जरूरी है क्यो कि जब हम स्वच्छ रहेगे तो स्वस्थ रहेगे और जब हम स्वस्थ रहेगे तभी हम समृद्ध रहेगे ,तो इसलिए स्वच्छ भारत समृध्द भारत ।
गुरुवार, 5 सितंबर 2019
नजरे बदली तो नजारे अपने आप बदल जायेगे ।
सर्वप्रथम आप सभी को हमारी लाडली किशोरी जू श्री राधा रानी के जन्मदिवस या राधाअष्टमी कि हार्दिक शुभकामनाए बहुत -बहुत बधाई । राधे राधे
आइए अब हम अपने विषय कि ओर बढ़ें जैसा कि आज का टाइटल रखा गया कि नजरे बदली तो नजारे अपने आप बदल जायेगे आप सभी कई बार इस कथन को सुन चुके है , और मतलब भी समझते है , फिर भी शायद इसे भूल जाते है , और इसी से हम दुखी , उदास हो जाते है , जैसे एक बडा साधारण सा उदाहरण लेते है हम बच्चों का
कई बार जब माता -पिता बच्चों को डाटते है , या किसी बात के लिये मना करते है , या फिर किसी दोस्त या किसी व्यक्ति से बात करने के लिये उसकी संगत से दूर रहने के लिये मना करते है , तो बच्चे को लगता है , कि माता - पिता बुरे है , और उस दूसरे व्यक्ति को सही समझते है , तो ये उनके नजरिए का ही फर्क है , लेकिन जब उन्हे अपनी गलती का एहसास होता है , तब पता लगता है , कि माता - पिता सही है और हम गलत , और हम लोग हमेशा नकरात्मक विचारो (negative thoughts ) मे पड़कर जीवन मे आए हुए मौके को भी हाथ से छोड़ देते है , जैसे क्लास मे पढ़ने वाला एक कमजोर बच्चा सोचता है , मै जीवन मे कुछ नही कर सकता , लेकिन ऐसा भी कई बार होता है , क्लास का टॉप करने वाला बच्चा कुछ नही कर पाता जबकि वो कमजोर बच्चा बहुत आगे निकल जाता है , लेकिन ये कैसे सम्भव (possible )होता है , प्रयास करने पर और अपने नजरिए को बदलने पर तो इसलिए अपने बच्चो का मनोबल बढ़ाईये न कि छोटी - छोटी बातो पर डांटकर उन्हे गलत रास्ते पर जाने क़ो मजबूर करें उन्हे समझाए कि क्लास मे फेल होने का मतलब जि़न्दगी मे फेल होना नहीं है , और भी कई मौके होते है , तो पॉजिटिव सोचे औऱ अपने नजरिए क़ो भी (positive ) सकारात्मक रखे ।
राधे राधे ।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)



