शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

जहा हो टेस्ट वही करें टाईम वेस्ट

जहा हो टेस्ट वही करें टाईम वेस्ट (in which place do your interest in that place you should west your time ):- 

                           टाइटल देख कर आप समझ ही गए होगे कि आज हम किस बारे मे बात करने जा रहे है । 

कई बार हम अपनी मर्जी दूसरो पर थोप्ते है , भले ही उसकी इच्छा कुछ और हो  ,जैसे हमारे छोटे भाई , बहन , बच्चे य कोई भी हम बच्चों को बार - बार पढ़ने के लिये कहते है , जब कि बच्चे की इच्छा खेलने की है , य किसी को  पढ़ना पसंद है , हम उसे बिजनेस के लिये कहते है , और ऐसा करने पर वो उस काम मे कभी अच्छे नही  हो पाते । 

जब की अगर उसकी मर्जी का काम उसे करने दे तो वो उस काम मे बहुत ऊपर जाता है , क्यो की उसकी वहां रूचि है , interest  है , वहां उसका टेस्ट है । 




क्यो की कोई काम छोटा नही होता बस उसे मन से लगन से करने की जरूरत है । 
 इसलिए कहा गया जहा हो आपका टेस्ट वही करें टाईम वेस्ट 
      राधे  राधे 

शनिवार, 2 मार्च 2019

झगड़ा लंगड़ा हो तो अच्छा लेकिन तगड़ा हो तो बुरा

जैसा की आज का टाइटल (title) रखा गया झगड़ा लंगड़ा हो तो अच्छा लेकिन तगड़ा हो तो बुरा , अब आप सोच रहे होगे कि भला झगड़ा कैसे लंगड़ा हो सकता है , क्यो कि तगड़ा तो समझ आया लेकिन लंगड़ा ।

चलिए अब ज्यादा दिमाक मे जोर मत डालिए अब आपको बता ही देते है , इसका मतलब ,  देखिए हर रिश्ते मे झगड़े तो होते ही है , चाहे वो पति - पत्नी का हो माँ बेटे का हो या भाई बहन का हो , कहने का मतलब लगभग सभी रिश्तो मे झगड़े होते है ।

और शायद इन रिश्तो मे प्रेम का कारण भी ये झगड़े ही होते है क्यो कि कड़वे के बाद ही मीठे कि कीमत समझ आती है ।

लेकिन फिर वही बात कि अगर झगड़े लंगड़े हो तब तो ठीक मतलब थोड़ी सी नोक -झोंक वाले यानी लंगड़े लेकिन अगर वही झगड़े बड़ा रूप ले ले यानी तगड़े हो जाये तब वो रिश्ते तोड़ देते है ।

इसलिए झगड़ों को लंगड़े रहने दे तगड़े न होने दे कोशिश यही करे और अगर सामने वाला ही इसे तगड़ा होने दे तब तो आप भी इसकी खातिरदारी कर दे तो कुछ गलत नही होगा । समझ गए कि हम क्या कहना चाहते है ।

                        राधे राधे

सोमवार, 21 जनवरी 2019

हमारा भारत देश महान

हमारा भारत देश महान :- 



                            

 हमारा भारत देश महान है , इस बात को हम सभी जोर - जोर से नारे लगाकर हमेशा कहते है , लेकिन इसकी महानता के पीछे कारण क्या है , और ये किसी और देश के लिए क्यो नही कहा जाता । क्या आपने कभी ऐसा सुना हमारा अमेरिका महान , या हमारा चीन महान । नही लेकिन क्यो । यहा  किसी देश को नीचा दिखाने का उद्देश्य नही है , लेकिन आपने कभी ऐसा सुना । 
तो केवल भारत को ही क्यो महान कहा जाता है , तो इसका सबसे बड़ा कारण एक ही है , और वो है , हमारे भारत की संस्क्रति , सभ्यता और हमारी परम्परायें जो इस देश को सबसे अलग और महान बनाती है , इसलिए अपनी भारत की संस्कृति और सभ्यता को बनाए रखे ताकि हम गर्व से हमेशा कह सके।  
        हमारा भारत देश महान 
                                            जय श्री राधे 

शनिवार, 12 जनवरी 2019

छोटे बनकर रहे मजे मे रहेगे

छोटे बनकर रहे मजे मे रहेगे :-

                                                  जैसा की आज टाइटल दिया गया छोटे बनकर रहे मजे मे रहेगे अब आप सोच रहे होगे की छोटे बनने मे क्या फायदा । 

वैसे तो ये बात आप कई बार सुन चुके होगे लेकिन फिर वही बात कहू कि छोटे पौधे बड़े - बड़े तूफान मे भी बच जाते है लेकिन बड़े पौधे गिर जाते है । 
और एक बात कई बार बेटे समझते है कि माता - पिता के हाथो मे घर कि सत्ता है , तो वो ज्यादा मजे मे है , और उन्हे लगता है अब हम बड़े हो गए है अब ये हमे मिल जाये तो हम मलिक बन जायेगे । 
लेकिन जब उनके हाथ मे वो जिम्मेदारी मिल जाती है , तब पता चलता है , कि कितनी मजा है । 
कहने का मतलब छोटे बनकर रहे तो मजे मे रहेगे माता - पीता के साथ मे रहे और उनके ऊपर ही जम्मेदारी रहने दे क्यो कि बच्चे बनकर रहेगे तो हमेशा चेहरे मे खिलखिलाहट बनी रहेगी । 




                   जय श्री राधे 

शनिवार, 29 दिसंबर 2018

सच परेशान हो सकता है , पराजित नही

सच परेशान हो सकता है , पराजित नही :-

                                                                     ये बात आप सभी जानते है और अनुभव भी किया होगा । 
और हमारे संतो ने भी कहा सांच बराबर तप नही झूठ बराबर पाप जाके हृदय सांच है , ताके हृदय आप अर्थात सच के बराबर कोई दूसरा तप नही है , और झूठ के बराबर दूसरा पाप और जिसके ह्रदय मे सच्चाई है , उसके ह्रदय मे स्वंय प्रभु विराजते है । 

लेकिन आज कल की बात करे तो ये दोहा उल्टा हो जाता है , यहा झूठ बराबर तप नही सांच बराबर पाप आज कल प्रत्येक वयक्ति हर क्षण झूठ बोलता है , और जैसा की कहा जाता है जब तक झूठ न बोले तो लोगो की रोटी हजम नही होती । 
और इस मोबाइल ने तो लोगो को झूठ बोलने की और सुविधा दे दी । 

। और एक बात हमे भले ही न सच बोलना आता हो लेकिन दूसरे से यही उम्मीद करते है की वो सच बोले वरना बड़ा गुस्सा आता है । मान लीजिए हमारे घर पर कोई आया और हमारा मिलने का मन नही तो हम बच्चों से या पत्नी से या किसी भी घर के सदस्य से कहलवा देगे की वो अभी घर पर नही है , लेकिन जब कुछ समय बाद हम किसी काम से घर पर गए और हमे यही जवाब मिले और बाद मे पता चले की वो घर पर ही था तो बड़ा गुस्सा आता है और कहेगे की कितना झूठा है । 
तो कहने का मतलब पूरी कोशिश करे की ज्यादा से ज्यादा सच बोले और एक बात सच बोलने वाले को ज्यादा कुछ याद नही करना पड़ता और झूठ बोलने वाला हमेशा फंसता है इसलिए सच बोले बड़ा आनंद आएगा । 
                           जय श्री राधे 

गुरुवार, 27 दिसंबर 2018

व्यापारी ईमानदारी

व्यापारी ईमानदारी :-

                                     ये दोनो शब्द कितने मिल रहे है , कितना (match) है , लेकिन शब्द तो मिल रहे है , अगर ईमानदारी के अंदर व्यापारी हो जाये या व्यापारी के अंदर ईमानदारी हो जाये तो बहुत बढ़िया हो । 
अच्छा आप सोच रहे होगे ईमानदारी के अंदर व्यापारी ये बात समझ मे नही आयी अरे भाई बात एक ही और फिर भी न समझ आए तो अंदर को अंडर कह लीजिए अब तो समझ आ ही गया । 
कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि काम कोई भी हो ईमानदारी से किया जाये तो वो एक सत्कर्म का स्वरूप हो जाता है । 

तो इसलिए कार्य कोई भी हो ईमानदारी से हो तो आप भी प्रसन्न रहेगे और सामने वाला भी प्रसन्न रहेगा । 
        जय श्री राधे 

बुधवार, 26 दिसंबर 2018

कुछ न कुछ सीखते रहो

कुछ न कुछ सीखते रहो :-

                                          हमे सदैव कुछ न कुछ किसी न किसी से सीखते रहना चाहिए । 
लेकिन हमे जो भी सीखना है वो अच्छा सीखना है बुरा नही अपने मतलब का सीखना है , अब ये नही की यहा सीखने की बात कही जा रही है तो आप सोचो कि हा कुछ न कुछ सीखने के लिए कहा गया तो आप किसी को देखकर नशा करना सीख ले , मारना पीटना आदि बुरे काम सीखे नही । 
हमे अच्छी बाते सीखनी है और सिर्फ एक मनुष्य नही किसी भी जीव जन्तु से चाहे वो चीटी हो या मधुमक्खी दत्तात्रेय जी जो भगवान के स्वरूप है उन्होने हमे यही बताया कि हमे सभी से अच्छी बाते सीखनी चाहिएअब आप सोच रहे होगे कि पशु पक्षी से क्या सीखे तो देखिए  चीटी हमे कठिन परिश्रम करना सिखाती है मधुमक्खी परोपकार करना स्वयं मेहनत करके शहद बनाती है और मजे हम लेते है । 
हमारे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी को एक वयक्ति ने पत्र दिया और उसमे गाली ही गाली लिखी थी बापू ने उस पत्र को बड़े ध्यान से पढ़ा और उनके पास रहने वाले वयक्ति को कहा  लो इसे फेक दो उस वयक्ति ने सोचा कि अभी तो बड़े ध्यान से पढ़ रहे थे अब फेकने को कह रहे है तो सोचा देखु क्या लिखा है तो देखा गाली उसे बडा गुस्सा आया है उसने कहा बापू आप इन गलियो को ध्यान से पढ़ रहे थे तो बापू ने बड़े धीरे से कहा नही मै तो अपने मतलब कि चीज ढूढ रहा तो उसने कहा इसमे आपके मतलब का क्या है तो कहा मेरे मतलब कि ये पिन थी जो मैने निकाल ली । 

तो कहने का अर्थ सभी से कुछ अच्छा  सीखे बडों से तो सीखे ही छोटों से भी सीखे । 
                             जय श्री राधे